Dainik Bhaskar सेविला अब तक टूर्नामेंट का एक भी फाइनल नहीं हारी, सबसे ज्यादा 5 खिताब जीते; इस बार इंटर मिलान को उलटफेर की उम्मीद
यूरोपा लीग की मास्टर कही जाने वाली स्पेन की फुटबॉल टीम सेविला रिकॉर्ड छठी बार फाइनल में पहुंची है। उसका मुकाबला तीन बार के चैम्पियन इटली के क्लब इंटर मिलान से है। सेविला ने अब तक सबसे ज्यादा 5 बार यूरोपा लीग खिताब जीता है यानी यह टीम फाइनल में पहुंचकर कभी हारी नहीं है। हालांकि, इस बार फॉर्म में चल रही इंटर मिलान को उलटफेर की पूरी उम्मीद है।
यह फाइनल जर्मनी के कोलोन शहर में भारतीय समयानुसार शुक्रवार रात 12.30 से खेला जाएगा। पिछली बार इंग्लैंड की चेल्सी टीम आर्सेनल को 4-1 से हराकर चैम्पियन बनी थी।
सेविला ने लगातार तीन बार खिताब जीता था
सेविला ने पिछला यूरोपा लीग का खिताब 2016 में लिवरपूल को 3-1 से हराकर जीता था। तब स्पेनिश टीम ने 2014 और 2015 के बाद लगातार तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया था। सेविला इस बार स्पेनिश टूर्नामेंट ला लिगा में 70 पॉइंट के साथ चौथे नंबर पर रही थी।
दोनों टीम के बड़े प्लेयर्स
वहीं, इंटर मिलान क्लब की बात करें, तो वह अब तक 3 बार 1991, 1994 और 1998 में खिताब चुका है। टीम के पास रोमेलु लुकाकू और लौतारो मार्टिनेज जैसे शानदार फॉरवर्ड हैं, जिसके दम पर वह चौथी बार खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेगा। वहीं, सेविला टीम की ताकत फॉरवर्ड मुनिर के अलावा मिडफील्डर जीसस नवास और ईवर बानेगा हैं।
दूसरे नंबर पर 4 टीमों ने 3-3 खिताब जीते
टीम | देश | खिताब जीती | कब |
सेविला | स्पेन | 5 |
2006, 2007, 2014, 2015, 2016 |
इंटर मिलान | इटली | 3 | 1991, 1994, 1998 |
युवेंटस | इटली | 3 | 1977, 1990, 1993 |
लिवरपूल | इंग्लैंड | 3 | 1973, 1976, 2001 |
एटलेटिको मैड्रिड | स्पेन | 3 | 2010, 2012, 2018 |
मिलान के लुकाकू ने 6 और सेविला के मुनिर ने 5 गोल किए
इस सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाला खिलाड़ी भी यूनाइटेड का ही है। ब्रूनो फर्नांडिस ने 10 मैच में सबसे ज्यादा 8 गोल दागे और 4 असिस्ट किए। दूसरे नंबर पर इंटर मिलान के रोमेलु लुकाकू हैं, जिन्होंने 5 मैच में 6 गोल दागे और 2 असिस्ट किए। वहीं, सेविला के मुनिर ने 8 मैच में 5 गोल दागे और 2 असिस्ट किए हैं।
चैम्पियन को मिलेगी 75 करोड़ रुपए प्राइज मनी
यूरोपा लीग की फाइनल विजेता को 85 लाख यूरो (करीब 75 करोड़ रुपए) प्राइज मनी मिलेगी। वहीं, रनरअप टीम को 45 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) मिलेंगे।
कोरोना का टूर्नामेंट पर असर
कोरोनावायरस के कारण सभी मैच बगैर दर्शकों के खेले गए हैं। टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब कोई विजेता टीम खाली स्टेडियम में ट्रॉफी उठाएगी। कोरोना के कारण इस बार क्वार्टर और सेमीफाइनल एक ही लेग में खेले गए थे। इससे पहले टीमें लेग-1 में अपने घर में और उसके बाद लेग-2 में विपक्षी टीम के होम ग्राउंड में मैच खेलती थी। साथ ही टीम को मैच में 3 की बजाय 5 खिलाड़ियों को बदलने (कोरोना सब्स्टीट्यूट) की मंजूरी दी गई है।
टूर्नामेंट के 196 मैच में 543 गोल हुए
इस बार टूर्नामेंट में 196 मैच खेले गए, जिसमें 543 गोल हुए। इस दौरान प्रति मैच गोल औसत 2.77 रहा। पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 97 गोल मैच के 61 से 75वें मिनट के बीच किए गए। टीम की बात करें तो मैनचेस्टर यूनाइटेड ने सबसे ज्यादा 25 गोल दागे, लेकिन वह सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। यूनाइटेड को सेविला ने ही हराया था।
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